Saturday, February 20, 2016

"साऊन्डस्केप"


ठन्न... ठन्न...ठन्नाक्क...!
ठुन... ठुनुन... टनन... टनन... ठुन्न...! 
छन्न...! 
ऐ! तू क्या ढ़ूँढ़ता है इस आवाज़ में ? 
खुरपी-बगीचा, कुदाल-खेत 
गंडासा-कुट्टी, हंसुली, चने का साग 
लुहारिन का सरिया, बबुआ का बुशर्ट ।

चर्र... चुंई... चंक्क...! 
च्येंक्क... चरर... मरर...! 
चंक्क...कचंक्क...! 
ऐ तू क्या ढ़ूँढ़ता है इस आवाज़ में ? 
हीरा-मोती के लिये नई घन्टी 
बीज... खाद...मेला... 
हवा मिठाई, देसी मिट्ठा ।

तुन्न... तन्नाक...!
तन्नक, ट्वेंक्क... तुन्न, ट्वेंक्क...! 
तनक-तनक, तुन-तुन!
ऐ तू क्या ढ़ूँढ़ता है इस आवाज़ में ? 
पूस का भोर, सिम्मर का गाछ 
उड़ती हुई बर्फ़, सुई-धागा-सिलाई 
बचिया की कुरती, बाबुजी की बन्डी ।

छई... छप्पाक... छप्प... छप्पाक...! 
छपा-छप्प... छपा-छप्प...! 
हई... हच्चाक...! 
ऐ तू क्या ढ़ूँढ़ता है इस आवाज़ में ? 
रेहू-गरई, सीप में मोतिया 
शंख-शालिग्राम, मूँगे की डिबिया 
शकुन्तला की किस्मत, मछुआरिन का नकबुल्ला ।

हई... हईया... ज़ोर लगा के हईया... 
दम लगा के हईया... 
ऐ तू क्या ढ़ूँढ़ता है इस आवाज़ में ? 
बाँस, बल्ला, पटरी 
आरा, चक्की, बोरा, लदान 
इँट, गारा, उठान,
एक सांझ का, खाना दो सांझ की दवाई 
सेठ का कर्जा, डाॅक्टर की परची 
कुंजरिन का उधार, स्कूल की अर्ज़ी।
पानी का टैक्स, रोड का टैक्स 
हवा का टैक्स, जिनगी का टैक्स 
अकाश का टैक्स, मसान का टैक्स, 

सस्ते गल्ले का गेहूँ 
लाल किले का ओझा 
विदवानों के देस में ठप्पे का बोझा 
लहसुन चुड़ैल बने, प्याज बने डाईन 
बीस सीट की बहाली 
बीस हजार की लाइन ।

हईट... हुश्त... हुर्र... खटाक्क... 
खट... चटाक्क... धाँय... धड़ाम्म... 
तड़...तड़... तड़ाक्क... 
ढि़चक्यों... ढ़ूंम्म... 
ऐ तू क्या ढ़ूँढ़ता है इस आवाज़ में ? 
ए बोल ना... तू क्या ढ़ूँढ़ता है इस आवाज़ में? 
ए बोल ना, बोलता क्यूँ नहीं
अरे कोई तो बोलो... 
भगवान के लिये तो बोलो भाई... 
अल्लाह के लिये तो बोलो... 
जीसस के लिये तो... 
नानक के लिये... 
बुद्ध के... 
महावीर...

निर्मल अगस्त्य 
02:05 PM, 20-02-2016
पटना।