Monday, May 9, 2016

"हम जैसों का मरना कोई मरना नहीं होता"

तुम्हारे घर के लोगों ने 
तुम्हारा नाम आदित्य रखा 
क्या सोच कर? 
इतना तो जानते ही होंगे कि 
आदित्य का मतलब सूरज होता है 
लेकिन ये नहीं जान पाये 
कि सूरज हम जैसों का नहीं होता। 


सूरज होता है रक्तपिशाचों का 
भड़वों का, रंडियों का, दलालों का, 
सूरज होता है उनका 
जिनके लिए सब कुछ 
बस उनका होना होता है। 


हज़ारों सालों से यही होता आया है 
मेरे भाई आदित्य 
सूरज हम जैसों के लिए नहीं बनाया गया। 
तुम तो शरीर से मुक्त हो गए 
लेकिन तुम्हारे जैसे कई हैं 
जो इस शरीर के भीतर 
हर रोज़ किसी सूरज की रोशनी के 
ठेकेदार के हाथों 
मर-मर के जीते जा रहे हैं, 
और वैसे भी -
हम जैसों का मरना 
कोई मरना नहीं होता 
ये बस आंकड़ों में 
एक इज़ाफ़े की लरज़िश भर होता है।   


02:42 AM, 10-05-2016
निर्मल अगस्त्य